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गठिया और खान-पान के भ्रम

हर घर में गठिया के लिए खाने के नियम होते हैं। इनमें से ज़्यादातर का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है — और कुछ तो फ़ायदेमंद चीज़ें ही छुड़वा देते हैं।

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खान-पान के भ्रम

भ्रम और सच

भ्रम
दही खाने से जोड़ों में दर्द होता है।
सच

दही से किसी भी तरह का गठिया नहीं बढ़ता। गाउट में तो यह यूरिक एसिड कम करता है। प्रोटीन और कैल्शियम के लिए दही अच्छा है।

भ्रम
खट्टी चीज़ें — नींबू, इमली, आँवला, टमाटर — गठिया करती हैं।
सच

"खट्टा" एक स्वाद है, सूजन का कारण नहीं। आँवला और नींबू में विटामिन C होता है।

भ्रम
चावल से जोड़ों में दर्द होता है, सिर्फ़ रोटी खाएँ।
सच

चावल गठिया नहीं बढ़ाता। मात्रा ज़्यादा मायने रखती है, अनाज कौन सा है यह नहीं।

भ्रम
बैंगन और आलू गठिया बढ़ाते हैं।
सच

अध्ययनों में इनसे गठिया बढ़ने का कोई संबंध नहीं मिला।

भ्रम
"ठंडी" चीज़ें सर्दियों में जोड़ों का दर्द बढ़ाती हैं।
सच

खाने की तासीर से रोग-प्रतिरोधक शक्ति पर असर नहीं पड़ता। ठंड में जकड़न मौसम की वजह से होती है।

भ्रम
नॉन-वेज पूरी तरह बंद करना होगा।
सच

ज़रूरी नहीं। चिकन और मछली ठीक हैं। गाउट में सिर्फ़ ऑर्गन मीट, लाल मांस और झींगा कम करें।

भ्रम
घी जोड़ों को चिकनाई देता है।
सच

घी जोड़ों में "चिकनाई" नहीं पहुँचाता। थोड़ा ठीक है, ज़्यादा वज़न बढ़ाकर जोड़ों पर भार डालता है।

भ्रम
उपवास से शरीर साफ़ होता है और गठिया ठीक होता है।
सच

उपवास का असर अस्थायी है, मांसपेशियाँ घटती हैं, और गाउट का दौरा पड़ सकता है।

खाने को लेकर उलझन?

हर विज़िट में खान-पान पर बात होती है। बिना अपॉइंटमेंट OPD।

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